एक अद्भुत दृश्य दर्शाता है शिव का विराट रथ , जो विश्व के अनंत विस्तार में ही भ्रमण करता प्रतीत होता । इसे केवल एक रूपक है भगवान शिव की ऊर्जा एवं उनके विश्वव्यापी प्रभुत्व का उत्कृष्ट स्वरूप है। इस रथ बैठे भगवान शिव अपने ही हाथों में त्रिशूल ध्वजा तथा डमरू के गूंज यह जगत की गति को ही संचालित कर के